गत्ता फैक्ट्री में बिजली चोरी साबित, अदालत ने सुनाई छह माह की सजा
काशीपुर। संवाददाता
ऊर्जा निगम की सतर्कता टीम द्वारा पकड़ी गई बिजली चोरी के मामले में विशेष अदालत ने गत्ता फैक्ट्री संचालक को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के बाद ऊर्जा निगम अधिकारियों ने इसे विद्युत चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में ऊर्जा निगम की विजिलेंस टीम ने केलाखेड़ा क्षेत्र के ग्राम रामनगर स्थित मैसर्स गुरुनानक पल्प बोर्ड गत्ता फैक्ट्री में छापेमारी की थी। यह कार्रवाई अवर अभियंता योगेश कुमार और उपखंड अधिकारी फरमान हैदर जैदी के नेतृत्व में की गई थी। जांच के दौरान टीम को फैक्ट्री परिसर में बड़े पैमाने पर अवैध बिजली उपयोग के प्रमाण मिले।
विजिलेंस जांच में सामने आया कि फैक्ट्री संचालक द्वारा ट्रांसफॉर्मर की एलटी लाइन से सीधे केबिल जोड़कर करीब 20.387 किलोवाट विद्युत का अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था। टीम ने मौके पर आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद कार्रवाई करते हुए विद्युत चोरी का मामला दर्ज कराया।
अवर अभियंता की तहरीर पर काशीपुर पुलिस ने फैक्ट्री मालिक गुरुचरण सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी की अदालत में हुई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष जांच रिपोर्ट, निरीक्षण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
ऊर्जा निगम अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और अवैध विद्युत उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




