उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कलेक्ट्रेट एवं जिला न्यायालय परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक अधिवक्ता का खून से लथपथ शव उनकी ही कार के अंदर बरामद हुआ। मृतक की पहचान जिला बार से संबद्ध अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में अधिवक्ता व कर्मचारी मौके पर जुट गए।

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह लगभग 11:30 बजे न्यायालय परिसर की पार्किंग से गुजर रहे कुछ अधिवक्ताओं की नजर एक संदिग्ध अवस्था में खड़ी कार पर पड़ी। कार के अंदर झांकने पर उन्होंने एक व्यक्ति को खून से सना हुआ पड़ा देखा। पास जाकर पहचान करने पर पता चला कि वह अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी हैं। उनके एक हाथ में पिस्टल भी थी, जिससे प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है, जो वाहन के बोनट पर रखा हुआ मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुसाइड नोट में अधिवक्ता ने किसी बीमारी से परेशान होने की बात लिखी है, हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि और अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही घटना की जानकारी फैली, मौके पर अधिवक्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई। सभी इस घटना से स्तब्ध नजर आए। साथी अधिवक्ताओं ने बताया कि पूरन सिंह भाकुनी मिलनसार और व्यवहार कुशल व्यक्ति थे, ऐसे में उनके द्वारा उठाया गया यह कदम सभी को झकझोर देने वाला है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की सत्यता, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने नैनीताल न्यायालय परिसर को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया है।



