किच्छा (ऊधम सिंह नगर):
चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में किच्छा की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह की अदालत ने दोषी नाजिम निवासी सिरौलीकला को छह माह के कारावास तथा चार लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2022 में मैसर्स श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कम्पनी लिमिटेड ने अपने पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दायर किया था। आरोप था कि नाजिम ने वर्ष 2009 मॉडल के एक टाटा वाहन की खरीद के लिए कंपनी से पांच लाख दो हजार 843 रुपये का ऋण लिया था। निर्धारित शर्तों के अनुसार उसे यह ऋण ब्याज सहित किश्तों में चुकाना था, लेकिन वह भुगतान करने में विफल रहा।
समय बीतने के साथ बकाया राशि बढ़कर 10 लाख 77 हजार 409 रुपये हो गई। इसके बाद आरोपी ने आंशिक भुगतान के रूप में तीन लाख 75 हजार रुपये का चेक जारी किया। कंपनी द्वारा छह जुलाई 2022 को जब उक्त चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो वह बाउंस हो गया।
चेक बाउंस होने के बाद कंपनी ने विधिक नोटिस भेजा, लेकिन आरोपी द्वारा भुगतान नहीं किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
अदालत के इस फैसले को चेक बाउंस मामलों में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।



