रुद्रपुर। स्थानीय अदालत ने चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में एक आढ़ती को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम अपर सिविल जज) हेमंत सिंह की अदालत ने पीलीभीत निवासी आढ़ती अमित गुप्ता को किसान के बकाया भुगतान न करने और धोखाधड़ी का दोषी पाया।
मामले के अनुसार, रुद्रपुर निवासी किसान जगमोहन सिंह ने अक्टूबर 2020 में अपनी फसल लगभग 4.07 लाख रुपये में अमित गुप्ता को बेची थी। भुगतान एक सप्ताह में करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में आरोपी टाल-मटोल करता रहा। लगातार दबाव के बाद उसने दो चेक—₹2,00,000 और ₹2,07,000—जारी किए, जो बैंक में लगाने पर “फंड्स इंसफिशिएंट” की टिप्पणी के साथ बाउंस हो गए।
विधिक नोटिस भेजे जाने के बावजूद भुगतान न होने पर परिवादी ने अदालत की शरण ली। सुनवाई के दौरान आरोपी ने दलील दी कि चेक केवल सुरक्षा के तौर पर दिए गए थे और कोई बकाया नहीं था। अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यदि चेक के पीछे वास्तविक देनदारी हो और भुगतान न किया जाए, तो धारा 138 एनआई एक्ट के तहत अपराध बनता है।
अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पहले मामले में ₹2.80 लाख और दूसरे में ₹2.90 लाख का अर्थदंड लगाया गया। इस प्रकार कुल जुर्माना ₹5.70 लाख निर्धारित किया गया।
अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने में से ₹5.60 लाख की राशि परिवादी जगमोहन सिंह को मुआवजे के रूप में दी जाएगी, जबकि शेष ₹10,000 सरकारी कोष में जमा होंगे। यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे प्रत्येक मामले में एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुखदर्शन सिंह ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष का प्रतिनिधित्व सी.पी. पाण्डेय ने किया। यह फैसला किसानों के हितों की सुरक्षा की दिशा में अहम माना जा रहा है।




