मंडी बोर्ड की बैठक में 155 करोड़ का बजट पास, कर्मचारियों को राहत और उपभोक्ताओं के लिए बड़े फैसले
देहरादून। उत्तराखंड कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड की 41वीं बोर्ड बैठक में कई अहम निर्णय लेते हुए 155 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल नौ प्रस्तावों पर सहमति बनी, जिनमें मंडियों के विकास, कर्मचारियों के हित और उपभोक्ताओं को राहत देने से जुड़े फैसले शामिल हैं।
मंडी निदेशालय में मंगलवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने की। बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिससे प्रदेश की विभिन्न मंडियों में कार्यरत करीब 300 कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस संबंध में अंतिम निर्णय के लिए वित्त नियंत्रक की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जो अपनी संस्तुति देगी।
महिला कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए बोर्ड ने सभी महिला कर्मियों को छह माह का प्रसूति अवकाश देने की मंजूरी दी। इसके अलावा मंडियों में सड़क निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में मंडी बोर्ड के कार्यों के विस्तार के लिए नए पद सृजित करने का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। साथ ही उपनल कार्मिकों के लिए लागू शासनादेश की व्यवस्था को आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी लागू करने पर सहमति बनी।
उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाते हुए बोर्ड ने तय किया कि आगामी 20 दिनों के भीतर मंडियों में खाद्य सामग्री, फल और सब्जियों की दरें निर्धारित कर दी जाएंगी। इन दरों को प्रतिदिन डिजिटल बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को उचित मूल्य पर सामान मिल सकेगा। साथ ही मंडियों में विक्रेताओं के लाइसेंस बनाए जाएंगे और प्रमुख मंडियों में रिटेल काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में बेहतर कार्य करने वाली मंडी समितियों को प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया गया। राज्य स्थापना दिवस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मंडियों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसमें प्रथम पुरस्कार 11 हजार, द्वितीय 5100 और तृतीय 2100 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
बैठक में प्रबंध निदेशक हेमंत कुमार वर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



