मासूम का अपहरण कर बेचने का सनसनीखेज मामला, दो महिलाओं को 10-10 साल की सजा, पांच आरोपी बरी, अदालत का बड़ा फैसला, पुलिस कार्रवाई सराही गई

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मासूम के अपहरण और बिक्री मामले में दो महिलाओं को 10-10 साल की सजा

हरिद्वार। मासूम बच्चे के अपहरण कर उसे बेचने के सनसनीखेज मामले में हरिद्वार की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चतुर्थ अपर जिला जज आर.के. श्रीवास्तव की अदालत ने दो महिलाओं को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है, जबकि साक्ष्य के अभाव में पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया।

शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सैनी के अनुसार, यह मामला 10 दिसंबर 2022 का है। ज्वालापुर क्षेत्र निवासी रविंद्र के सात माह के बेटे के घर से अचानक गायब होने से इलाके में हड़कंप मच गया था। परिजनों की शिकायत पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अगले ही दिन नगर कोतवाली क्षेत्र के सप्तऋषि इलाके में भारत माता मंदिर के पास छापेमारी कर दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया।

जांच के दौरान सामने आया कि दोनों महिलाओं ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बच्चे का अपहरण किया और उसे एक दंपति को बेच दिया था। पुलिस ने इस मामले में कुल सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा।

सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों महिलाओं को दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही अतिरिक्त धाराओं में तीन-तीन वर्ष की सजा भी दी गई है। वहीं, अन्य पांच आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।

इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, पुलिस की त्वरित कार्रवाई की भी सराहना हो रही है, जिसने समय रहते बच्चे को सकुशल बरामद कर बड़ी अनहोनी टाल दी।

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