नैनीताल-ऊधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर कुमाऊं की महत्वपूर्ण प्रयोगशाला “रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधान संस्थान (DIBER)” हल्द्वानी की वर्तमान स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पत्र सौंपकर इस संस्थान के भविष्य को लेकर उत्पन्न संशय दूर करने की मांग की।
सांसद ने बताया कि DIBER, जो कुमाऊं क्षेत्र की सबसे बड़ी वैज्ञानिक प्रयोगशाला रही है, को वर्तमान में दिल्ली स्थित DIPAS लैब से संबद्ध कर एक छोटी इकाई के रूप में सीमित कर दिया गया है। इस निर्णय को क्षेत्र के लोगों, व्यापारियों, किसानों और युवाओं द्वारा नकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, इंटर्नशिप, रिसर्च अवसर और कृषि परामर्श जैसी गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं।
अजय भट्ट ने बताया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद स्थापित यह संस्थान हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, औली और हर्षिल तक करीब 300 एकड़ क्षेत्र में फैला है। पहले जहां यहां व्यापक शोध और विकास कार्य होते थे, वहीं अब अधिकांश केंद्रों पर कर्मचारियों की संख्या नगण्य रह गई है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा।
उन्होंने रक्षा मंत्री को सुझाव दिया कि दिल्ली स्थित DIPAS संस्थान को कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाए, ताकि वैज्ञानिक अपने वास्तविक उद्देश्यों के अनुरूप कार्य कर सकें और क्षेत्रीय संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
सांसद ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस गंभीर मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेकर कुमाऊं क्षेत्र के विकास, रोजगार और वैज्ञानिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करेगी।




