लोडेड राइफल लेकर जेल अधिकारी के घर क्यों पहुंचा बंदीरक्षक? दरवाजे पर प्रहार, जान से मारने की धमकी और हाथापाई के आरोप से सितारगंज जेल में हड़कंप

सितारगंज। केंद्रीय कारागार सितारगंज में तैनात एक बंदीरक्षक पर लोडेड सरकारी राइफल लेकर ड्यूटी स्थल छोड़ने और प्रभारी कारापाल के आवास पर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, बंदीरक्षक ने आवास के दरवाजे पर जोर-जोर से प्रहार कर प्रभारी कारापाल को बाहर निकालने का प्रयास किया। जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्तक्षेप से सरकारी हथियार अलग कराया गया, लेकिन इसके बाद भी मारपीट का प्रयास करने का आरोप है। प्रभारी कारापाल की तहरीर पर सितारगंज कोतवाली पुलिस ने बंदीरक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

प्रभारी कारापाल प्यारे लाल ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2024 बैच के बंदीरक्षक शुभम पांडेय ने बुधवार सुबह करीब 9:40 बजे जेल के भीतर से फोन कर उनसे बातचीत की। आरोप है कि इस दौरान बंदीरक्षक ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी। इसके बाद वह लोडेड सरकारी राइफल लेकर ड्यूटी स्थल से निकलकर जेल परिसर के बाहर स्थित प्रभारी कारापाल के आवास पर पहुंच गया।

 

दरवाजे पर प्रहार कर बाहर बुलाने का प्रयास

 

शिकायत के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने प्रभारी कारापाल को सतर्क करते हुए आवास से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी। इसी बीच बंदीरक्षक ने आवास के दरवाजे पर जोर-जोर से प्रहार कर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर जेल अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हस्तक्षेप कर बंदीरक्षक से सरकारी हथियार अलग कराया। आरोप है कि इसके बावजूद बंदीरक्षक ने प्रभारी कारापाल के साथ हाथापाई और मारपीट करने का प्रयास किया।

 

स्वजन को भी धमकाने का आरोप

 

प्रभारी कारापाल के अनुसार, सूचना पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में भी बंदीरक्षक का आक्रामक व्यवहार जारी रहा। उसने प्रभारी कारापाल और उनके स्वजन को जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

 

प्रशिक्षण के दौरान अनुशासनहीनता का भी जिक्र

 

शिकायती पत्र में बंदीरक्षक के पूर्व व्यवहार का भी उल्लेख किया गया है। प्रभारी कारापाल के अनुसार, लखनऊ स्थित राज्य जेल प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण के दौरान कथित अनुशासनहीनता के कारण उसका प्रशिक्षण पूरा नहीं हो सका था। शिकायत में उसे प्रशिक्षण से वापस भेजे जाने और बाद में चिकित्सकीय परामर्श व उपचार के लिए भेजे जाने का भी जिक्र है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

 

तीन धाराओं में प्राथमिकी, जांच शुरू

 

सितारगंज कोतवाली पुलिस ने प्रभारी कारापाल की शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 126(2), 351(3) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जगत सिंह शाही को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। बंदीरक्षक का पक्ष और विवेचना के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।