रुद्रपुर (उधम सिंह नगर)। जिले के एक बड़े चावल कारोबारी के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की गई सुनियोजित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब एक करोड़ रुपये से अधिक के आर्थिक नुकसान से जुड़े इस प्रकरण में इंदौर और दुबई से जुड़े कारोबारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित कारोबारी ने कोतवाली रुद्रपुर में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
किच्छा रोड निवासी अरुण अग्रवाल, जो मैसर्स के०एल०वी० फूड इंडिया लिमिटेड के संचालक हैं, ने आरोप लगाया है कि उनकी फर्म उच्च गुणवत्ता वाले चावल का उत्पादन कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात करती है। वर्ष 2025 में इंदौर स्थित टीटीएस कम्पनी के संचालक धमेन्द्र जैन, सिमता सोनवाने और विनोद विश्वकर्मा ने उन्हें निर्यात के नाम पर अपने जाल में फंसा लिया।
तहरीर के अनुसार, आरोपियों ने दुबई स्थित पाक प्राइम फूड्स स्टफ ट्रेडिंग कम्पनी के साथ मिलकर एजेंट के रूप में तीन अनुबंध कराए, जिनमें कुल तीन हजार मीट्रिक टन चावल निर्यात का सौदा हुआ। आरोपियों के कहने पर चावल को उनके ब्रांड नाम से पैक कर जुलाई से सितंबर 2025 के बीच दुबई भेजा गया। अनुबंध के अनुसार माल गंतव्य तक पहुंच गया, लेकिन इसके बाद भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने बेनिन देश की “मक्तुम” नामक कंपनी को माल बेचने का बहाना बनाकर कीमत में छूट देने का दबाव बनाया। लगातार मानसिक प्रताड़ना और धमकियों के चलते पीड़ित ने करीब 1 करोड़ रुपये की छूट दे दी। इसके बावजूद आरोपियों ने पूरा भुगतान नहीं किया और लगभग 1,07,20,170 रुपये की रकम बकाया रख ली।
हालांकि, तहरीर में यह भी स्पष्ट है कि आरोपियों द्वारा कुल रकम में से करीब 10.9 करोड़ रुपये (लगभग 11 करोड़ रुपये) का आंशिक भुगतान किया गया, लेकिन शेष राशि रोक ली गई और धोखाधड़ी जारी रखी गई। इस प्रकार कुल मिलाकर यह मामला 14 करोड़ रुपये से अधिक के आर्थिक नुकसान का बनता है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब बेनिन की कथित खरीदार कंपनी के अधिकारी ने स्वयं पीड़ित से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि न तो उन्होंने किसी प्रकार की छूट मांगी और न ही उन्हें माल की डिलीवरी प्राप्त हुई। इससे यह संदेह गहरा गया कि आरोपियों ने बिना माल सप्लाई किए ही भुगतान हड़प लिया और पीड़ित से धोखे से छूट भी हासिल कर ली।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। 12 मार्च 2026 को मुख्य आरोपी धमेन्द्र जैन रुद्रपुर स्थित कार्यालय पहुंचे और पैसे मांगने पर गाली-गलौज करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। आरोपी ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर डराने की कोशिश की।
पीड़ित कारोबारी का कहना है कि यह गिरोह अन्य व्यापारियों के साथ भी इसी प्रकार की ठगी कर चुका है और संगठित तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा है। इस घटना से न केवल उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि मानसिक आघात भी पहुंचा है।
कोतवाली रुद्रपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।




