रुद्रपुर, संवाददाता। दिल्ली रोड स्थित आधुनिक अनाज मंडी के जल्द से जल्द संचालन की मांग को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल गुरुवार को कृषि उत्पादन मंडी पहुंचे। उन्होंने मंडी समिति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चार वर्ष पूर्व 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई 118 डबल शटर दुकानें आज भी आवंटन के अभाव में खाली पड़ी हैं, जिससे आढ़तियों के साथ-साथ सरकार को भी भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।
ठुकराल ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में रुद्रपुर गल्ला मंडी तराई चैंबर मर्चेंट कार्यालय के साथ एन झा इंटर कॉलेज की 26 एकड़ भूमि प्रशासन को हस्तांतरित कराकर मंडी निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया गया था। यह मंडी उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित होने से दोनों राज्यों के किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, लेकिन आवंटन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से किसानों को उचित मूल्य पर उपज बेचने में कठिनाई आ रही है।
पूर्व विधायक ने अधिकारियों पर दुकान आवंटन के लिए सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किच्छा, गदरपुर, बाजपुर और बिलासपुर की मंडियों में कभी भी आढ़तियों से पैसा नहीं लिया गया, लेकिन रुद्रपुर में आवंटन रोककर भ्रष्टाचार बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मंडी परिसर में सीसी रोड निर्माण का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन दुकानें खाली रहने के कारण परिसर झाड़–झंखाड़ में तब्दील होता जा रहा है। उन्होंने मांग उठाई कि दुकानें बिना किसी शुल्क और पूरी पारदर्शिता के साथ जल्द आवंटित की जाएं।
ठुकराल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वह कृषि मंडी मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को बाध्य होंगे।



