ऊधम सिंह नगर में शिक्षा विभाग के औचक निरीक्षण में सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र कुमार मिश्रा ने सितारगंज और काशीपुर क्षेत्र के कई विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण किया, जहां शिक्षकों की लापरवाही और व्यवस्थाओं में खामियां सामने आईं। निरीक्षण के बाद विभाग ने संबंधित शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
सितारगंज के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिसौना में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय के शिक्षक बिना उपस्थिति दर्ज किए जनगणना कार्य में लगे हुए थे। जबकि विभाग की ओर से पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षक संबंधित प्रधानाचार्य को सूचना देकर ही कार्य करेंगे और विद्यालय संचालन में भी सहयोग बनाए रखेंगे। मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षकों से तीन कार्यदिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
इसके अलावा रा०उ०प्रा०वि० ड्योढ़ी में भी कई अनियमितताएं सामने आईं। यहां शिक्षकों के बिना अनुमति विद्यालय समय में बाहर जाने, स्टाफ पंजिका और अन्य अभिलेख अधूरे मिलने तथा संसाधनों का सही उपयोग न करने की शिकायत मिली। इस पर प्रभारी प्रधानाध्यापक को पांच दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि दोबारा लापरवाही मिलने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वहीं काशीपुर के पीएम श्री विद्यालय बांसखेड़ा का एक वीडियो सामने आने के बाद विभाग हरकत में आया। वीडियो में कक्षा संचालन के समय छात्र-छात्राएं विद्यालय परिसर में घूमते दिखाई दिए। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाचार्य सहित संबंधित शिक्षकों का वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं।



