रुद्रपुर। परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) के तहत दर्ज एक चेक बाउंस मामले में न्यायालय एसीजेएम/विशेष एनआई एक्ट रुद्रपुर ने महिला अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए चार माह के साधारण कारावास और 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की राशि में से 65 हजार रुपये परिवादी को प्रतिकर (मुआवजा) के रूप में दिए जाएंगे।
अभियोजन के अनुसार परिवादी जयचन्द्र सिंह निवासी किच्छा और अभियुक्त सविता निवासी ट्रांजिट कैम्प, रुद्रपुर के बीच परिचय था। वर्ष 2022 में अभियुक्त ने घरेलू आवश्यकता का हवाला देते हुए परिवादी से 65 हजार रुपये उधार लिए थे। निर्धारित अवधि बीतने के बाद जब धनराशि वापस मांगी गई तो अभियुक्त ने भुगतान के लिए 65 हजार रुपये का चेक दिया।
परिवादी द्वारा चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर मार्च 2023 में वह “फंड्स इन्सफिसिएंट” की टिप्पणी के साथ अनादरित (बाउंस) हो गया। इसके बाद परिवादी ने विधिक नोटिस भेजकर भुगतान की मांग की, लेकिन निर्धारित अवधि में धनराशि का भुगतान नहीं किया गया। जिस पर मामला न्यायालय में पहुंचा।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त ने दावा किया कि उसने कोई ऋण नहीं लिया था और संबंधित चेक सुरक्षा के तौर पर दिया गया था, जिसका दुरुपयोग किया गया। हालांकि वह अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य या विशेषज्ञ रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकी।
दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने माना कि अभियुक्त के हस्ताक्षरयुक्त चेक और अन्य साक्ष्य विधिक देनदारी को सिद्ध करते हैं। न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए चार माह के कारावास और 70 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।




