250 ग्राम चरस रखने पर चार साल की कैद, 20 हजार रुपये जुर्माना, करीब दस साल पुराने एनडीपीएस मामले में विशेष अदालत ने सुनाया फैसला, दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर भेजा जेल

रुद्रपुर। करीब दस साल पहले 250 ग्राम चरस के साथ पकड़े गए आरोपी को विशेष एनडीपीएस अदालत ने चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) राहुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने 31 अक्तूबर को यह फैसला सुनाया।

 

अभियोजन के अनुसार, मामला 11 अगस्त 2016 का है। उस रात काशीपुर कोतवाली में तैनात तत्कालीन उपनिरीक्षक सुनील सिंह बिष्ट पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बैलजुड़ी की ओर से एक व्यक्ति मादक पदार्थ लेकर आ रहा है। पुलिस टीम ने नए ढेला पुल के पास गंगे बाबा रोड स्थित श्मशान घाट के बाहर घेराबंदी कर संदिग्ध को रोक लिया। तलाशी लेने पर उसकी कमीज के अंदर रखी हरे रंग की पॉलीथीन से काले रंग का बत्तीनुमा पदार्थ मिला। जांच में पदार्थ चरस निकला, जिसका वजन 250 ग्राम पाया गया। पुलिस ने आरोपी मो. अजहर उर्फ अजर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

 

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। बचाव पक्ष ने पुलिस कार्रवाई और रवानगी जीडी पेश नहीं किए जाने सहित अन्य प्रक्रियागत पहलुओं पर सवाल उठाए। हालांकि, अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद अभियोजन के आरोपों को संदेह से परे साबित माना। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए चार साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

 

फैसले के बाद अदालत ने आरोपी का पुराना जमानतनामा निरस्त कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजने के आदेश दिए। बरामद चरस को अपील की अवधि समाप्त होने के बाद नियमानुसार नष्ट करने के निर्देश भी दिए गए।