ट्रांजिट कैंप मैदान में स्थायी निर्माण पर हाईकोर्ट ने डीएम से मांगा फैसला सार्वजनिक मैदान को खुला रखने की मांग पर दायर जनहित याचिका निस्तारित

रुद्रपुर। ट्रांजिट कैंप स्थित सुभाष चंद्र बोस सार्वजनिक मैदान में स्थायी निर्माण नहीं कराने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को इस संबंध में ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी के समक्ष प्रत्यावेदन देने को कहा है। साथ ही डीएम को प्रत्यावेदन पर विधि के अनुसार चार माह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने जनहित याचिका निस्तारित कर दी।

मामले के अनुसार, रुद्रपुर के वार्ड नंबर दो निवासी राकेश अधिकारी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ट्रांजिट कैंप के सुभाष चंद्र बोस मैदान में सरकार की ओर से स्थायी निर्माण प्रस्तावित है। इससे क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन का संकट खड़ा हो जाएगा।

याचिकाकर्ता का कहना था कि मैदान में लंबे समय से स्थानीय लोगों के शादी-विवाह, धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। इसके अलावा यहां खेल गतिविधियां होती हैं और लोग प्रतिदिन टहलने भी आते हैं। स्थायी निर्माण होने से इन सभी गतिविधियों पर असर पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए दूसरे स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करना भी आसान नहीं होगा।

याचिका में मैदान को सार्वजनिक उपयोग, खेल गतिविधियों और स्थानीय कार्यक्रमों के लिए खुला रखने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, इस संबंध में शासन को भी प्रत्यावेदन दिया गया था, लेकिन उस पर निर्णय नहीं हुआ। अब हाईकोर्ट ने मामले में सीधे निर्माण रोकने का आदेश देने के बजाय जिला प्रशासन को प्रत्यावेदन पर चार माह में विधि के अनुसार निर्णय लेने को कहा है।