रुद्रपुर। चतुर्थ अपर सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवीन्द्र देव मिश्र की अदालत ने घरेलू हिंसा के मामले में श्रीमती सायरा को संरक्षण प्रदान करते हुए ससुराल पक्ष के छह लोगों को उसके साथ किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा न करने के आदेश दिए हैं।
मामला रुद्रपुर थाना क्षेत्र के शिमला पिस्तौर का है। सायरा ने सास जमीला खातून, ससुर मोहम्मद हनीफ, देवर मोहम्मद सफीक और ननदों समेत छह लोगों के खिलाफ घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप था कि उसे और उसके बच्चों को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
प्रार्थिनी के अनुसार, 19 अगस्त 2025 को देवर सफीक ने घर में घुसकर मारपीट की, बिजली की लाइन काट दी और जान से मारने की धमकी दी। मामले की सूचना बिगवाड़ा पुलिस चौकी में भी दी गई थी। विपक्षियों के अदालत में उपस्थित नहीं होने पर नौ जुलाई 2026 को एकपक्षीय कार्यवाही शुरू की गई।
संरक्षण अधिकारी की रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने एक अक्टूबर को धारा 18 के तहत संरक्षण आदेश जारी किया। हालांकि मकान पर निवास आदेश और आर्थिक राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि मकान जमीला खातून के नाम है और इसे साझी गृहस्थी की संपत्ति साबित नहीं किया जा सका।
