रुद्रपुर। भारत-नेपाल सीमा पर 2.850 किलोग्राम अफीम के साथ पकड़े गए तस्कर को ऊधम सिंह नगर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। करीब नौ साल सात माह चले मामले के विचारण के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
मामला 28 मई 2016 का है। भारत-नेपाल सीमा पर स्तंभ संख्या 797/2, झप्पूझाला चौकी के पास सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीम चेकिंग कर रही थी। सुबह करीब 7:30 बजे नेपाल की ओर से भारत में प्रवेश कर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को जवानों ने रोककर तलाशी ली। उसकी पहचान वीर सिंह निवासी त्यूनी, देहरादून के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पिट्ठू बैग से 2.850 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। इसके बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दीपाली शर्मा की अदालत में हुई। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। बरामद अफीम की मात्रा 2.5 किलोग्राम की निर्धारित वाणिज्यिक मात्रा से अधिक होने के कारण इसे कमर्शियल क्वांटिटी माना गया। इसके बाद अदालत ने धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट के तहत वीर सिंह को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
हादसे का हवाला भी नहीं दिला सका राहत
सजा पर बहस के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी के हादसे में घायल होने और पैर में फ्रैक्चर होने का हवाला देते हुए कम सजा देने की मांग की थी। हालांकि अदालत ने इसे पर्याप्त आधार नहीं माना। अदालत ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सख्त रुख अपनाया।
अदालत ने यह भी माना कि मादक पदार्थ आरोपी के बैग से बरामद हुआ था, इसलिए धारा 50 के प्रावधानों के उल्लंघन का आधार नहीं बनता। मामले का सह-आरोपी कुलदीप सिंह विचारण के दौरान फरार चल रहा है।




