देहरादून। उत्तराखंड में साइबर अपराध पर लगाम कसने की दिशा में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ के अधीन संचालित राष्ट्रीय साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 और विशेष फॉलो-अप विंग ने जून 2026 के दौरान साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के 2.63 करोड़ रुपये सुरक्षित बचा लिए। समय रहते संबंधित बैंक खातों को होल्ड और फ्रीज कराने से यह रकम साइबर ठगों के हाथों में जाने से बच गई।
पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त देवभूमि” अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन और एसएसपी एसटीएफ के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों पर तकनीकी और विधिक स्तर पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है, जिससे पीड़ितों को राहत मिल रही है।
एसएसपी एसटीएफ ने लोगों से बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को किराये या कमीशन पर नहीं देने की अपील की है। साथ ही ओटीपी, एटीएम कार्ड, पिन और यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस, सीबीआई या ईडी जैसी कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल या फोन पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।
एसटीएफ ने फर्जी निवेश योजनाओं, टेलीग्राम और यूट्यूब टास्क के नाम पर होने वाली ठगी से भी सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।




