जहरीली शराब बनी काल, एक ही दिन में 17 मौतों से मचा हड़कंप कई जिंदगी मौत से जूझ रहीं, अवैध शराब कारोबार पर उठे सवाल; प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली कटघरे में

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जहरीली शराब ने ली 17 जिंदगियां, पुणे में मचा हड़कंप

हड़पसर, दापोडी और फुगेवाड़ी में मौतों से दहशत; स्पिरिट सप्लायर गिरफ्तार, कई की हालत नाजुक

संवाददाता, पुणे।

महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र में कथित जहरीली शराब पीने से एक ही दिन में 17 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। हड़पसर, दापोडी और फुगेवाड़ी इलाकों में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कई अन्य लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जहरीली स्पिरिट से तैयार अवैध देसी शराब पीने से यह मौतें हुईं। मामले में राज्य आबकारी विभाग ने कथित स्पिरिट सप्लायर योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ इलाके में अवैध स्पिरिट की सप्लाई करता था। हालात बिगड़ने के बाद उसने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

घटना के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अवैध शराब कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से गैर-कानूनी देसी शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा था, लेकिन प्रशासन ने कभी सख्ती नहीं दिखाई। लोगों ने “बैन बैकयार्ड डिस्टिलरी” में बनी जहरीली शराब को इस त्रासदी का जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद इलाके में भय और गुस्से का माहौल है तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

उधर, पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस ने दावा किया है कि आठ मौतों में से पांच अलग-अलग कारणों से हुई हैं, लेकिन मृतकों में चक्कर आने जैसे समान लक्षण मिलने के बाद पुलिस की सफाई पर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। एनसीपी नेता एवं पूर्व मेयर योगेश बहल ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि विधायक रोहित पवार ने पुलिस कमिश्नर पर हमला बोलते हुए कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी राज्य सरकार और गृह विभाग को निशाने पर लिया है।

मृतकों में राहुल शरद क्षीरसागर, विजय शर्मा, अरुण दादर, अशोक चव्हाण, राजेश राजपूत, पांडुरंग फुगे, आनंद देसाई, अकबर पठान, सुभाष डिगीकर, अक्षय अवसरमल, बाबा शेख, राजेंद्र राठौड़ और विजय राठौड़ समेत अन्य लोग शामिल हैं। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।

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