देहरादून। राजधानी के कैंट थाना क्षेत्र स्थित किसान नगर में स्कूल परिसर में चल रहे कथित देह व्यापार के खुलासे ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए तीन पीड़ित युवतियों को रेस्क्यू किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवतियों को नौकरी का झांसा देकर इस अवैध धंधे में धकेला जा रहा था। मामले के खुलासे के बाद अब इस मकान का पुराना बांग्लादेशी कनेक्शन भी चर्चा में आ गया है।
जानकारी के अनुसार “लंदन किड्स” नाम से यह स्कूल करीब एक साल पहले किसान नगर क्षेत्र में शुरू किया गया था। जिस मकान में स्कूल संचालित हो रहा था, उसका मालिक मद्रास निवासी बताया जा रहा है। उसने स्कूल संचालन के लिए एक दंपति को भवन किराए पर दिया था, जबकि पीछे बने दो कमरों को अन्य लोगों को रहने के लिए दिया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन किराएदारों का पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया गया।
इलाके के लोगों ने बताया कि इससे पहले भी इसी मकान में रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। आरोप था कि वे बिना सत्यापन के यहां रह रहे थे। इसके बावजूद मकान में किराएदार रखने को लेकर कोई सतर्कता नहीं बरती गई। अब उसी परिसर से कथित देह व्यापार का खुलासा होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय निवासी के मुताबिक स्कूल के नाम पर बच्चों के एडमिशन किए जा रहे थे और अभिभावकों को अंदाजा तक नहीं था कि परिसर के पीछे अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। रात के समय संदिग्ध लोगों की आवाजाही होती थी, लेकिन स्कूल की आड़ होने के कारण किसी को शक नहीं हुआ।
लोगों का कहना है कि स्कूल चलाने वाला दंपति और पीछे रहने वाले लोग आसपास के लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। पिछले कुछ दिनों से इलाके में बढ़ रही संदिग्ध गतिविधियों को देखकर स्थानीय पार्षद और हिंदू संगठनों को सूचना दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचकर जांच की गई और पूरा मामला सामने आ गया।
मामले के सामने आने के बाद अब स्थानीय लोग मकान मालिक की भूमिका और किराएदारों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।




