रुद्रपुर। मार्च 2024 में रुद्रपुर निवासी दीपक कुमार को रामनगर के बेलपड़ाव स्थित ‘बरार टाइगर रिसोर्ट’ को लीज पर दिलाने का झांसा देकर करीब 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। तृतीय अपर सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मामले को दीवानी विवाद मानते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया था।
प्रार्थना पत्र के मुताबिक दीपक कुमार को रिसोर्ट पार्टनरशिप में देने का प्रस्ताव दिया गया था। 6 मार्च 2024 को रुद्रपुर में हुई बैठक में डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह किराया तय हुआ। इसके बाद प्रार्थी ने अलग-अलग माध्यमों से करीब आठ लाख रुपये जमा किए। वहीं रिसोर्ट के मरम्मत कार्य, टीन शेड, जनरेटर सर्विस और अन्य व्यवस्थाओं पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए।
आरोप है कि बाद में ओमप्रकाश नागपाल, अंशुल नागपाल, सतनाम सिंह बरार, स्वर्ण सिंह बरार, मंगल सिंह चौहान और अमित चावला ने मिलीभगत कर लीज एग्रीमेंट प्रार्थी के बजाय अंशुल नागपाल के नाम करा दिया। जब दीपक कुमार ने अपने रुपये वापस मांगे तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
मामले की सुनवाई करते हुए तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश चन्द्र आर्य ने कहा कि प्रकरण में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। अदालत ने संबंधित मजिस्ट्रेट को मामले में पुनः सुनवाई कर विधिसम्मत आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रार्थी को 26 मई 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने को कहा गया है।


