ईंधन बचाने स्कूटी पर निकले मंत्री गणेश जोशी, एक्सपायर इंश्योरेंस और फ्लीट की गाड़ियों को लेकर सोशल मीडिया पर घिरे

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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील से प्रेरित होकर उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी सोमवार को स्कूटी चलाते नजर आए। मंत्री की इस पहल को जहां एक ओर सादगी और ईंधन संरक्षण का संदेश बताया गया, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर यह पहल ट्रोलिंग का कारण बन गई। मामला बढ़ने पर मंत्री को सफाई भी देनी पड़ी।

दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच ऊर्जा संसाधनों की बचत का संदेश देने के उद्देश्य से कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को गढ़ी कैंट क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद अपने शासकीय वाहन की जगह स्कूटी का इस्तेमाल किया। वह स्कूटी से अपने कैंप कार्यालय पहुंचे।

मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर ईंधन आपूर्ति व ऊर्जा संसाधनों पर पड़ रहा है। ऐसे में हर नागरिक को पेट्रोल-डीजल के अनावश्यक इस्तेमाल से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग का संदेश देते रहे हैं।

हालांकि, मंत्री की यह पहल जल्द ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। जिस स्कूटी पर मंत्री सवार थे, उसका इंश्योरेंस वैध नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

इतना ही नहीं, मंत्री के आगे-पीछे चल रही सरकारी गाड़ियों और वीडियो बनाने वाली टीम की गाड़ियों को लेकर भी सवाल उठे। लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि एक ओर मंत्री ईंधन बचाने का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके काफिले में कई गाड़ियां चल रही हैं।

मामले पर सफाई देते हुए मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उन्होंने अपने ओएसडी की स्कूटी अचानक इस्तेमाल की थी और उसका इंश्योरेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में था, जिसे अब रिन्यू करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक संदेश देना था।

मंत्री ने यह भी कहा कि जल्द ही वह अपनी स्कूटी खरीदेंगे और आसपास के इलाकों में स्कूटी से ही आवाजाही करेंगे। हालांकि दूरस्थ यात्राओं के लिए कार का उपयोग करना जरूरी रहेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में सरकारी फ्लीट में गाड़ियों की संख्या कम करने पर भी विचार किया जाएगा।

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