विधानसभा गेट पर गन्ना ट्रॉली पलटकर विरोध, किसान बकाया भुगतान को लेकर हंगामा
देहरादून। संवाददाता
महिला आरक्षण पर बुलाए गए विशेष सत्र से पहले उत्तराखंड विधानसभा के मुख्य गेट पर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र जाती ने गन्ने से लदी ट्रॉली पलटकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया।
दरअसल, विधानसभा में नारी सम्मान और महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा के लिए एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया था। लेकिन सत्र शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर के बाहर किसानों की समस्याओं को लेकर विरोध का अलग ही दृश्य देखने को मिला। झबरेड़ा से विधायक वीरेन्द्र जाती गन्ने से भरी ट्रॉली लेकर विधानसभा पहुंचे और मुख्य गेट के बाहर ट्रॉली पलट दी। इससे सड़क पर गन्ना फैल गया और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर ट्रॉली को हटाया गया और आवागमन बहाल कराया गया। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
विधायक वीरेन्द्र जाती ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना नहीं, बल्कि किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इकबालपुर शुगर मिल पर गन्ना किसानों का लगभग 110 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है।
उन्होंने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूरी में इस तरह का विरोध करना पड़ा। “हमारा मकसद सुरक्षा तोड़ना नहीं है, बल्कि किसानों की आवाज उठाना है। जब तक किसानों का बकाया नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा,” उन्होंने कहा।
इस घटनाक्रम से विधानसभा के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया। विपक्ष ने इसे किसानों की अनदेखी का परिणाम बताया, जबकि सत्तापक्ष ने विरोध के इस तरीके पर सवाल उठाए। वहीं, विधानसभा के अंदर महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर चर्चा जारी रही, लेकिन बाहर किसानों का मुद्दा केंद्र में रहा।




