पिता की मौत, उधर कंपनी करवाती रही बेटे और भाई से काम
रुद्रपुर। सिंह कॉलोनी स्थित रेलवे पटरी के समीप मिले अधेड़ व्यक्ति की शिनाख्त सुरेश प्रसाद पुत्र बाजीलाल के रूप में हुई है। सुरेश प्रसाद पिछले करीब 18 वर्षों से बजाज कंपनी में कार्यरत थे। इस दर्दनाक घटना के बाद जहां एक ओर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन का कथित अमानवीय चेहरा भी सामने आया है, जिससे श्रमिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस प्रशासन द्वारा दोपहर करीब 12 बजे ही कंपनी प्रबंधन को हादसे की सूचना दे दी गई थी। इसके बावजूद मृतक के बेटे इंद्रजीत, जो उसी कंपनी में कार्यरत है, को लगभग दोपहर 2 बजे तक काम पर लगाए रखा गया। इतना ही नहीं, उसे बिना स्पष्ट जानकारी दिए पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया, जहां पहुंचकर उसे अपने पिता की मौत की जानकारी मिली। इस घटनाक्रम ने न केवल परिवार बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी झकझोर कर रख दिया।
शाम करीब 4 बजे शिफ्ट समाप्त होने के बाद दर्जनों श्रमिक पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जिसके बाद कंपनी प्रबंधन हरकत में आया। करीब 5:30 बजे प्लांट हेड सुनील कुमार पीपल और एचआर हेड एस. मनीष गुप्ता मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद श्रमिकों से भीड़ न लगाने की बात कही। इस दौरान आदर्श कॉलोनी चौकी के एक कांस्टेबल ने प्रबंधन से सवाल किया कि सूचना मिलने के बावजूद मृतक के परिजनों को समय पर क्यों नहीं बताया गया। जवाब देने के बजाय प्रबंधन पुलिस से ही बहस करता नजर आया।
इस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित समाजसेवी सुशील गाबा ने मौके पर कंपनी प्रबंधन को जमकर खरी-खोटी सुनाई और श्रमिकों के साथ न्याय की मांग की। सिडकुल श्रमिक मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी सहित अन्य श्रमिक नेताओं ने भी एकजुट होकर मृतक के परिवार के लिए मुआवजा और स्थायी नौकरी की मांग उठाई।
श्रमिकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मृतक के बेटे इंद्रजीत को स्थायी नौकरी, 20 लाख रुपये का मुआवजा और कंपनी प्रबंधन से सार्वजनिक माफी दिलाई जाए। चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही ऐलान किया गया कि पोस्टमार्टम के बाद सुरेश प्रसाद का शव कंपनी गेट पर लाया जाएगा और वहीं धरना दिया जाएगा।, वहीं मंगलवार को परिजन और श्रमिक शव लेकर कंपनी गेट पर पहुंचे।
इस दौरान हैप्पी रंधावा, हीरा सिंह राठौड़, संतोष गुप्ता, उमाशंकर यादव, ललित मटियाली समेत सैकड़ों श्रमिक मौजूद रहे।




