अल्मोड़ा निवासी भाई बहन को 16 दिन तक पुलिस विभाग में तैनात होने का झांसा देकर डिजिटल अरेस्ट कर 75.73 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले साइबर अपराधी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि अल्मोड़ा निवासी व्यक्ति ने अप्रैल 2025 में प्राथमिकी पंजीकृत कराते हुए कहा था कि मार्च 2025 में अज्ञात नंबर से उसके मोबाइल पर काल आई। इस दौरान काल करने वालों ने कहा कि वह पुलिस विभाग में तैनात है। 16 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट
कहा कि उसके पहचान पत्र बच्चों को अगवा करने वाले गिरोह के पास मिले है। जिसके बाद उन्होंने उसकी और बहन के सभी बैंक खातों की जांच की बात कहते हुए उन्हें 16 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान उन्होंने उनके अलग अलग बैंक खातों से 75.73 लाख रुपये आनलाइन जमा करा ली। बाद में डिजिटल अरेस्ट की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दी। मामले में एसटीएफ कुमाऊं ने प्राथमिकी पंजीकृत कर विवेचना एसआइ भगवान गिरी को सुपुर्द कर दी गई थी। जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त बैंक खाते, मोबाइल नंबर, व्हाटसएप की जानकारी के लिए बैंक, सर्विस प्रदात्ता कंपनियों और मेटा कंपनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि प्राप्त डेटा की जांच में बैंक खाता धारक और मोबाइल नंबरों का सत्यापन किया गया। इस दौरान आरोपित की पहचान सर्वहारा नगर कालेकी ढाल ऋषिकेश देहरादून निवासी दीपक पांडेय पुत्र जय प्रकाश पांडेय के रूप में हुई। जिसके बाद एसआइ भगवान गिरी, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार और कांस्टेबल विकास रावत दीपक पांडेय की तलाश में जुट गए। बुधवार देर रात सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपित दीपक पांडेय को ऋषिकेश देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल, एक सिम कार्ड, एक आधार कार्ड, एक पेन कार्ड, निर्वाचन कार्ड, डीएल और जन आरोग्य कार्ड बरामद हुआ। बाद में उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।



