न्याय के लिए पिता की लंबी लड़ाई: रुद्रपुर में युवक की संदिग्ध मौत को हत्या बताकर कोर्ट की शरण, पत्नी और साढ़ू समेत अन्य पर संगीन धाराओं में केस दर्ज.

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उधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में युवक की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मृतक के पिता ने ससुराल पक्ष और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है और अब न्यायालय की शरण ली है. हालांकि बाद में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया.

 

रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके पिता ने हत्या की आशंका जताई है. इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता से नाराज होकर पीड़ित पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है.

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के ग्राम वर्राजन निवासी तिलक राम ने न्यायालय प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रुद्रपुर में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था. तिलक राम का आरोप है कि उनके बड़े बेटे नरेंद्र का विवाह लगभग 7-8 वर्ष पहले बरेली जिले के हरचन्दरपुर गांव निवासी रजनी के साथ हुआ था. विवाह के बाद से ही दोनों के बीच विवाद चलता रहा.

 

प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि रजनी का अपने बहनोई मुनीन्दर के साथ कथित प्रेम प्रसंग था, जिसके चलते दंपति के बीच अक्सर झगड़े होते थे. इस मुद्दे को लेकर कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. आरोप है कि रजनी के परिजन और मुनीन्दर सहित अन्य लोग नरेंद्र और उसके परिवार को लगातार धमकाते थे.

 

तिलक राम के अनुसार उनका बेटा अपनी पत्नी और बेटी के साथ मजदूरी के लिए रुद्रपुर आ गया था, लेकिन वहां भी उसे परेशान किया जाता रहा. उन्होंने बताया कि करीब 20 दिन पहले नरेंद्र ने फोन पर सूचना दी थी कि उसकी पत्नी रजनी, मुनीन्दर के साथ चली गई है. जब इस संबंध में ससुराल पक्ष से बात की गई तो उन्होंने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी.

 

आरोप है कि एक दिसंबर को मुनीन्दर, नरेन्द्र को घर से अपने साथ रुद्रपुर ले गया और बाद में उसकी हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप दे दिया. तिलक राम ने दावा किया है कि बेटे को ले जाते समय गांव के सीसीटीवी कैमरों में भी फुटेज मौजूद है.

 

पीड़ित पिता ने इस मामले में ट्रांजिट कैंप थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने 12 जनवरी को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया और 31 जनवरी को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी, लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई.

 

पुलिस से निराश होकर अब तिलक राम ने न्यायालय से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए. ट्रांजिस्ट कैंप कोतवाली प्रभारी मोहन चंद्र पांडे ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. विवेचना की जा रही है सबूत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

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