देहरादून। Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में जुआ और सट्टेबाजी पर लगाम कसने के लिए बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने ब्रिटिश कालीन Public Gambling Act, 1867 को निरस्त करते हुए राज्य का नया कानून बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब राज्य सरकार Uttarakhand Public Gambling Prevention Bill, 2026 को आगामी बजट सत्र में विधानसभा में पेश करेगी।
सरकार का मानना है कि वर्ष 1867 में बना पुराना कानून वर्तमान समय की परिस्थितियों में प्रभावी नहीं रह गया था। इसलिए जुए और सट्टे के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए सख्त प्रावधानों वाला नया कानून तैयार किया गया है। इस विधेयक में जुआ खेलने और खिलाने वालों के खिलाफ कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
नए प्रस्तावित कानून के अनुसार, सड़क, गली या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पैसे लगाकर ताश खेलना, सट्टा लगाना या जुए से जुड़े अन्य खेल खेलने पर तीन माह तक की साधारण जेल या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है। वहीं, घर में जुआ खिलवाने पर दो साल तक की जेल या दस हजार रुपये जुर्माना या दोनों दंड का प्रावधान रखा गया है।
यदि कोई व्यक्ति जुआघर चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसे पांच साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। इसके अलावा यदि संगठित गिरोह या सिंडीकेट के रूप में सट्टेबाजी या जुए का संचालन किया जाता है तो तीन से पांच साल तक की जेल और दो लाख से लेकर दस लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का मानना है कि यह कानून लागू होने के बाद राज्य में जुआ और सट्टेबाजी पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। इससे उन कई परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है जो जुए की लत के कारण आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे थे। जुए की वजह से प्रदेश में कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और अनेक घर उजड़ गए हैं। नया कानून इस सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




