7.5 लाख से बना पिंक टॉयलेट 12 महीने से बंद, उद्घाटन के बाद भी ताला; CSR फंड पर उठे सवाल, महिलाओं की सुविधा बनी दिखावा

उधम सिंह नगर जिले के खटीमा शहर में महिलाओं की सुविधा के लिए बनाए गए पिंक टॉयलेट आज खुद बदहाली का शिकार हैं। करीब साढ़े सात लाख रुपये की लागत से तैयार यह पिंक टॉयलेट पिछले 12 महीनों से ताले में बंद पड़े हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर उद्घाटन के बाद भी इनका संचालन क्यों नहीं हो पाया?

दरअसल, मार्च 2025 में स्थानीय कंपनी पॉलीप्लेक्स कॉरपोरेशन ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR फंड के तहत खटीमा सितारगंज रोड स्थित पुराने अस्पताल परिसर में पिंक टॉयलेट का निर्माण कराया था। जमीन तहसील प्रशासन ने उपलब्ध कराई थी। 3 मार्च 2025 को तत्कालीन एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट ने इसका उद्घाटन भी किया, लेकिन उद्घाटन के बाद से ही टॉयलेट पर ताला लटका हुआ है।

महिलाओं की गरिमा और सुविधा के उद्देश्य से बनाए गए ये पिंक टॉयलेट अब “सफेद हाथी” साबित हो रहे हैं। न तो नगर निगम ने इनके संचालन की व्यवस्था की और न ही प्रशासन ने नियमित मॉनिटरिंग की। धूल फांक रहे इस ढांचे पर खर्च की गई लाखों की रकम अब सवालों के घेरे में है।

इस मामले में जब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सजवान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य CSR फंड से कराया गया था और संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी गई थी। एसडीएम ने संबंधित ईओ को सार्वजनिक सुविधाओं का समुचित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर महिलाओं की सुविधा के नाम पर बना यह पिंक टॉयलेट कब खुलेगा और जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय होगी?