रूद्रपुर कोतवाली क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक निजी क्लीनिक में दिए गए इंजेक्शन के बाद युवक की हालत बिगड़ गई और कई दिनों के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने क्लीनिक संचालक पर गलत उपचार और घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, भूरारानी क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति का बेटा सर्दी-जुकाम के इलाज के लिए स्थानीय क्लीनिक पर गया था। आरोप है कि क्लीनिक संचालक ने स्वयं को एमबीबीएस डॉक्टर बताते हुए युवक को इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद वह बेहोश हो गया। उसकी हालत बिगड़ते ही मुंह से झाग आने लगे और शरीर नीला पड़ गया।
परिजन युवक को पहले रूद्रपुर के एक निजी अस्पताल और बाद में भोजीपुरा स्थित अस्पताल ले गए, जहां कई दिनों तक इलाज चला। हालत में सुधार न होने पर युवक को दिल्ली के बड़े अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन वहां भी उसकी जान नहीं बच सकी और उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद संबंधित क्लीनिक संचालक फरार हो गया और अब तक यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि युवक को कौन-सा इंजेक्शन दिया गया था। पीड़ित परिवार ने यह भी दावा किया है कि उक्त व्यक्ति लंबे समय से क्लीनिक चला रहा है और पहले भी गलत इलाज के मामले सामने आ चुके हैं।
परिवार ने कोतवाली रूद्रपुर में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।



