उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले का नया खुलासा: हिंदी मीडियम स्कूल को कागजों में बना दिया मदरसा, फर्जी नामों पर बांटी गई लाखों की छात्रवृत्ति

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उधम सिंह नगर।

उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रदेशभर में प्रशासन और शिक्षा महकमे को झकझोर कर रख दिया है। इस घोटाले में उधम सिंह नगर जिले के एक अर्द्ध सरकारी हिंदी माध्यम स्कूल को कागजों में मदरसा दिखाकर लाखों रुपये की छात्रवृत्ति गबन कर ली गई। यही नहीं, इस स्कूल की प्रबंधन समिति में आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों के नाम भी जुड़े हैं।

कागजों में बना दिया मदरसा, फर्जी नामों पर निकाली छात्रवृत्ति

मामला सरस्वती पूर्व माध्यमिक विद्यालय, किच्छा से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि साल 2021-22 और 2022-23 के दौरान अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में इस स्कूल को मदरसा बताया गया और उसमें पढ़ने वाले 154 मुस्लिम छात्र-छात्राओं के नाम दर्ज कर दिए गए।

इन नामों के आधार पर छात्रवृत्ति की रकम निकाली गई, जबकि वास्तविकता यह है कि यह स्कूल केवल कक्षा 6 से 8 तक का हिंदी माध्यम अर्द्ध सरकारी संस्थान है।

“हमें घोटाले की भनक तक नहीं थी”, बोले प्रधानाचार्य

स्कूल के प्रधानाचार्य उदय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी 19 अप्रैल 2025 को तब मिली, जब अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी स्कूल पहुंचे। उनके पास जो दस्तावेज थे, उनमें कक्षा 9 और 10 के छात्रों का जिक्र था, जबकि स्कूल में केवल कक्षा 6 से 8 तक की ही पढ़ाई होती है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने तुरंत सभी रजिस्टर और दस्तावेज विभाग को दिखाए और पूरे मामले की लिखित शिकायत भी अधिकारियों को दी। इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय से भी जांच टीम आई, जिसे सभी जरूरी कागजात सौंपे गए।

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश: दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए SIT जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “छात्रवृत्ति जैसी कल्याणकारी योजना में इस तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, चाहे वे संस्थान से जुड़े हों या सरकारी अफसर।”

इसके साथ ही केंद्र सरकार के निर्देश पर सात बिंदुओं पर जांच शुरू हो चुकी है, जिसमें फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

एक और स्कूल का नाम भी विवादों में, प्रबंधन ने दी सफाई

इधर, सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल किच्छा का नाम भी इस प्रकरण से जोड़कर चर्चा में लाया गया है। स्कूल के प्रधानाचार्य प्रकाश डिक्टिया ने स्पष्ट किया कि “हमारा स्कूल इस मामले से पूरी तरह से अलग है। हमारा नाम जानबूझकर घसीटा जा रहा है।” उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि “घोटाले की गहन जांच हो और जो भी दोषी हो, उसे जेल भेजा जाए।”

अधिकारी बोले– रिपोर्ट भेजी जाएगी, कार्रवाई तय

उधम सिंह नगर के सीडीओ दिवेश शाशनी ने बताया कि “छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कठोर कार्रवाई तय है।”

> इस घोटाले ने शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में SIT की जांच से कई और परतें खुलने की संभावना है।

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