‘टर्बन्ड टॉरनेडो’ फौजा सिंह का निधन, 114 साल की उम्र में सड़क हादसे में गई जान

Share the news

जालंधर/नई दिल्ली।

दुनियाभर में ‘टर्बन्ड टॉरनेडो’ के नाम से मशहूर और उम्र को मात देने वाले मैराथन धावक फौजा सिंह का सोमवार को निधन हो गया। वे 114 वर्ष के थे। पंजाब के जालंधर जिले में टहलते समय एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने दर्ज किया केस, चालक फरार

घटना जालंधर के ब्यास गांव की है। आदमपुर थाने के एसएचओ हरदेवप्रीत सिंह के मुताबिक, अज्ञात वाहन ने फौजा सिंह को उस वक्त टक्कर मारी जब वह सुबह की सैर पर निकले थे। सिर में गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज कर लिया है।

लेखक खुशवंत सिंह ने की पुष्टि

पंजाब के पूर्व राज्य सूचना आयुक्त और लेखक खुशवंत सिंह ने फौजा सिंह के निधन की पुष्टि की। उन्होंने फौजा सिंह की जीवनी ‘द टर्बन्ड टॉरनेडो’ भी लिखी थी, जो उनकी जीवटता और प्रेरणादायक जीवन की कहानी बयां करती है।

कौन थे फौजा सिंह?

1911 में पंजाब में जन्मे फौजा सिंह किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे और चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उन्होंने सौ वर्ष की उम्र में मैराथन पूरी कर दुनिया को चौंका दिया, और कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किए। 1990 के दशक में इंग्लैंड में बसे फौजा सिंह बाद में अपने पैतृक गांव लौट आए थे। 2012 के लंदन ओलंपिक में वे मशालवाहक भी बने। 1999 से उन्होंने चैरिटी के लिए दौड़ना शुरू किया, जिसमें पहला आयोजन समय से पूर्व जन्मे बच्चों के लिए था। 2013 में फतेहगढ़ साहिब में हुए एक समारोह में उन्हें सिख संस्कृति के प्रचार और सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया था।

फौजा सिंह अक्सर कहा करते थे —”मेरी दाढ़ी और मेरी पगड़ी ने दुनिया में मेरा सम्मान बढ़ाया है, और मैं ईश्वर में विश्वास करता हूं… यही मेरी सफलता की कुंजी है।”

उनकी 114 पृष्ठों की जीवनी भी उनके जीवन के प्रति जुनून और जज्बे का प्रतीक मानी जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *