रिश्तेदारी में लिए आठ लाख नहीं लौटाए, गलत हस्ताक्षर का चेक दिया, ताऊ को चार माह की सजा

रुद्रपुर। भतीजे से आठ लाख रुपये उधार लेकर रकम वापस न करने और भुगतान के लिए हस्ताक्षर भिन्न होने वाला चेक देने के मामले में विशेष एनआई एक्ट अदालत ने आरोपी ताऊ को दोषी करार दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं विशेष न्यायालय (एनआई एक्ट) की न्यायाधीश रीतिका सेमवाल ने आरोपी शेर सिंह को चार माह के साधारण कारावास और 8.05 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड में से आठ लाख रुपये शिकायतकर्ता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे, जबकि पांच हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे।

मामला रामपुर निवासी जसविंदर सिंह की शिकायत से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार वर्ष 2018 में शेर सिंह के बेटे हरदीप सिंह का सड़क हादसा हो गया था। इलाज के लिए शेर सिंह के पास पर्याप्त धन नहीं था। रिश्तेदारी के नाते जसविंदर ने अपनी कृषि भूमि बैंक में बंधक रखकर आठ लाख रुपये का ऋण लिया और 15 जनवरी 2019 को आरटीजीएस के जरिए रकम शेर सिंह के खाते में भेजी थी। इलाज के दौरान हरदीप की मौत हो गई।

बाद में शेर सिंह को दुर्घटना क्लेम की रकम मिलने के बावजूद उसने भतीजे की रकम वापस नहीं की। लगातार तकाजा करने पर 24 जनवरी 2023 को उसने आठ लाख रुपये का चेक दिया। जसविंदर ने चेक एचडीएफसी बैंक में लगाया, लेकिन 27 जनवरी को बैंक ने ‘ड्रॉअर्स सिग्नेचर डिफर्स’ की टिप्पणी के साथ चेक लौटा दिया।

अदालत में आरोपी ने रकम नकद लौटाने और चेक पर हस्ताक्षर फर्जी होने का दावा किया। फॉरेंसिक जांच में चेक के हस्ताक्षर आरोपी के नमूना हस्ताक्षरों से मेल पाए गए। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को धारा 138 एनआई एक्ट में दोषी ठहराया। अर्थदंड न देने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।