वेतन और बीमा पॉलिसी दिलाने के नाम पर पूर्व प्रधान से 30.50 लाख की ठगी
बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने एक पूर्व ग्राम प्रधान को सरकारी लाभ दिलाने का झांसा देकर करीब 30.50 लाख रुपये ठग लिए। मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार कांडा क्षेत्र निवासी पूर्व प्रधान को कुछ लोगों ने फोन कर खुद को पंचायती राज विभाग का अधिकारी बताया। आरोपियों ने दावा किया कि पूर्व प्रधान के पांच साल के कार्यकाल का बकाया वेतनमान और 10 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी स्वीकृत हुई है। ठगों ने विश्वास जीतने के लिए खुद को दिल्ली और हैदराबाद के बड़े अधिकारी बताते हुए कई फर्जी दस्तावेज भी भेजे।
पीड़ित को बताया गया कि भुगतान जारी करने के लिए विभिन्न सरकारी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसके नाम पर उनसे आयकर, फाइल चार्ज, एनओसी, बीमा प्रोसेसिंग शुल्क और हाईकोर्ट अनुमति जैसी अलग-अलग मदों में रकम जमा करवाई गई। आरोपियों ने करीब एक साल तक लगातार फोन और ऑनलाइन संपर्क बनाए रखा, जिससे पीड़ित को उन पर विश्वास हो गया।
धीरे-धीरे ठगों ने पूर्व प्रधान से कुल 30 लाख 50 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब काफी समय बाद भी न तो वेतन मिला और न बीमा राशि, तब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
पुलिस के अनुसार साइबर ठग सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। मामले की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है और बैंक खातों व मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या सरकारी लाभ के नाम पर मांगी जा रही रकम को बिना सत्यापन जमा न करें।



