उत्तराखंड में वोटर लिस्ट का महासर्वे शुरू, घर-घर पहुंचेगा बीएलओ; नाम कटने पर मिलेगा दावा-आपत्ति का मौका, 15 सितंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

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उत्तराखंड में 29 मई से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाने की घोषणा कर दी है। इसके तहत उत्तराखंड में भी एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया जाएगा। राज्य में यह प्रक्रिया 29 मई से शुरू होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि एसआईआर के पहले चरण में बिहार और दूसरे चरण में 12 राज्यों में अभियान पूरा किया जा चुका है। अब तीसरे चरण में उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

निर्वाचन विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 29 मई से 7 जून तक गणना प्रपत्रों की छपाई और कर्मचारियों का प्रशिक्षण किया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और उन्हें एकत्र भी करेंगे। इस दौरान मतदाताओं को कोई अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी।

14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी मतदाता का नाम सूची से कट जाता है, तो वह संबंधित अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज करा सकता है।

निर्वाचन विभाग ने बताया कि मतदाता अब आधार कार्ड को भी पहचान पत्र के रूप में प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रदेश में वर्तमान समय में 79.76 लाख मतदाता और 11 हजार 733 बूथ हैं। पुनर्गठन के बाद बूथों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई गई है ताकि एक बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता न रहें।

मतदाताओं की सहायता के लिए सभी जिलों में हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे और टोल फ्री नंबर 1950 को भी सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा “बुक ए कॉल विद योर बीएलओ” सुविधा के तहत मतदाता अपने घर बीएलओ की विजिट के लिए अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकेंगे।

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