सीवर टैंकरों पर प्रशासन सख्त: जीपीएस अनिवार्य, अवैध संचालन पर सीज की चेतावनी; नदियों में गंदा पानी छोड़ने और कूड़ा डंप करने वालों पर भी होगी कड़ी कार्रवाई

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सीवर टैंकरों में जीपीएस अनिवार्य, अवैध संचालन पर होगी सख्त कार्रवाई

रुद्रपुर। जनपद में सीवर और कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला गंगा समिति की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने नगर निकायों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी और निजी सीवर टैंक वाहनों में शत-प्रतिशत जीपीएस प्रणाली अनिवार्य रूप से लगाई जाए और उनकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण संचालित हो रहे निजी सीवर टैंक वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज किया जाए।

सीडीओ ने कहा कि सभी सीवर टैंक वाहन केवल एसटीपी प्लांट में ही सीवर डालें। यदि कोई वाहन अन्य स्थानों पर सीवर फेंकता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त काशीपुर और अधिशासी अधिकारी किच्छा को एक माह के भीतर कूड़ा निस्तारण कर उसकी फोटोग्राफिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लिगेसी वेस्ट के नियमित निस्तारण और कहीं भी अवैध रूप से कूड़ा डंप न करने पर जोर दिया गया।

बैठक में खटीमा में एफएसटीपी प्लांट स्थापित करने के लिए पेयजल निगम को स्टीमेट तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी को 15 दिन के भीतर ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के लिए नगर निकायों के साथ ओएमयू कराने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले कूड़े को नजदीकी नगर निकायों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को औद्योगिक इकाइयों का नियमित निरीक्षण करने और बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी नदी-नालों में छोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। निजी और सरकारी अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और नामित सदस्य उपस्थित रहे।

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