रुद्रपुर। राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, शाखा रुद्रपुर ने शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय मांग पत्र उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित कर जल्द समाधान की मांग उठाई। संघ के अध्यक्ष मदन लाल लोधी के नेतृत्व में शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित मांगों को लेकर अब शिक्षक वर्ग में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
मांग पत्र में वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्त रखने के लिए विशेष कानून बनाए जाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को बार-बार परीक्षा प्रक्रिया में शामिल करना मानसिक तनाव बढ़ाने वाला कदम है। इसके साथ ही वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई।
संघ के महामंत्री रश्मि बिष्ट और कोषाध्यक्ष अवनीश कुमार गंगवार ने बताया कि समान कार्य के बदले समान वेतन के सिद्धांत के अनुसार शिक्षकों को ₹17,140 का वास्तविक वेतनमान मिलना चाहिए। उन्होंने वर्तमान वेतन व्यवस्था को विसंगतिपूर्ण बताते हुए इसमें तत्काल सुधार की मांग की।
इसके अलावा शिक्षकों ने द्विस्तरीय कैडर व्यवस्था लागू करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने और विद्यालयों में रिक्त पड़े अंग्रेजी शिक्षकों के पद भरने की भी मांग की। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।
इस दौरान खेमकरन सिंह, नन्दलाल चौहान, अनीता रावत समेत कई शिक्षक पदाधिकारी मौजूद रहे।



