पिथौरागढ़: जिले के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की एक गर्भवती किशोरी को हालत बिगड़ने पर प्रसव के लिए पिथौरागढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जब किशोरी के प्रमाणपत्रों की जांच की गई तो गर्भवती नाबालिग निकली और इसकी अस्पताल प्रबंधन ने सूचना पुलिस को दी. पुलिस जांच में पता चला कि 13 साल की उम्र में किशोरी का बाल विवाह कर दिया गया था. अब लगभग एक साल बाद किशोरी नौ माह की गर्भवती है.
पुलिस के अनुसार, मुनस्यारी से कुछ लोग एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने पर पिथौरागढ़ स्थित जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे. प्रसव पीड़ा से कराह रही किशोरी जांच में करीब नौ माह की गर्भवती निकली. दस्तावेज और उम्र की पड़ताल की तो किशोरी के जन्मतिथि 2011 निकली डॉक्टरों की सूचना पर पुलिस टीम अस्पताल पहुंची. कोतवाली पिथौरागढ़ की एसआई बबीता टम्टा ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि किशोरी का करीब एक साल पहले 13 साल की उम्र में चुपचाप विवाह कराया गया.
पिथौरागढ़ कोतवाली पुलिस की सूचना के बाद मुनस्यारी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. मुनस्यारी थानाध्यक्ष अनिल आर्या ने बताया कि किशोरी के पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया गया है. बाल विवाह समेत अन्य धाराएं जांच के बाद जोड़ी जाएंगी और मामले की जांच की जा रही है. गर्भवती किशोरी के पति के भी नाबालिग होने का अंदेशा जताया जा रहा है. परिजन गोलमोल जवाब दे रहे हैं. पति के 12वीं का छात्र होने की बात सामने आई है. पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है.
दोनों मुनस्यारी के दूरस्थ गांव में रहते हैं. चार साल पहले जब किशोरी करीब दस वर्ष की थी, उसकी मां ने दूसरे पुरुष से विवाह कर लिया. फिर लगभग छह माह बाद पिता ने भी दूसरा विवाह कर लिया. सौतेली मां आई लेकिन वह बेटी से दूर ही रही. जिसके बाद किशोरी ने प्रेम विवाह कर लिया. लेकिन यह विवाह अब उसके लिए परेशानी और जीवन का खतरा बन गया है. चिकित्सकों ने कहा गर्भावस्था का समय पूरा हो चुका है. कभी भी प्रसव हो सकता है. पीएमएस डॉ. भागीरथी गर्याल ने बताया कि किशोरी सघन देखरेख में है. जच्चा-बच्चा दोनों को सकुशल रखने की पूरी कोशिश है.


