काशीपुर में सियासी घमासान: नामधारी ने अरविंद पांडेय पर लगाए गंभीर आरोप, निष्कासन की कही बात
काशीपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी ने गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय पर तीखे आरोप लगाते हुए उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज कर दी है। काशीपुर के रामनगर रोड स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नामधारी ने विधायक पांडेय पर “यूज एंड थ्रो” की राजनीति करने का आरोप लगाया।
नामधारी ने कहा कि गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय धामी सरकार के समानांतर सरकार चलाने जैसा व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उनका जल्द ही पार्टी से निष्कासन हो सकता है।
प्रेस वार्ता में मौजूद गदरपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं अखिल भारतीय कांबोज महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री सुरेश कांबोज ने भी विधायक पांडेय पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पांडेय कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं और संगठन को कमजोर कर रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार जनहित में काम कर रही है, लेकिन पार्टी के भीतर कुछ लोग “दीमक” की तरह संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आरोप लगाया गया कि विधायक पांडेय ने हमेशा अपने स्वार्थ के अनुसार लोगों का इस्तेमाल किया और बाद में उन्हें किनारे कर दिया।
इसके साथ ही पांडेय और उनके करीबियों पर गदरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में सरकारी, जनजातीय और आरक्षित वर्गों की जमीनों की कथित बंदरबांट के गंभीर आरोप भी लगाए गए। सेमलपुरी क्षेत्र में जमीनों की खरीद-बिक्री और नामांतरण में भारी अनियमितताओं का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।
नामधारी ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक पांडेय ने कई चुनावों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को हराने के लिए गुप्त रूप से विपक्ष का समर्थन किया। साथ ही, शिक्षा मंत्री रहते हुए नियुक्तियों में पक्षपात और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के भी आरोप लगाए।
इस प्रेस वार्ता के बाद प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज होने के आसार हैं।




