रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। रुद्रपुर स्थित सिविल जज (जू.डि.)/न्यायिक मजिस्ट्रेट रिजवान अंसारी की अदालत ने चेक बाउंस के एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए अभियुक्त दीदार सिंह को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को 3 माह के साधारण कारावास और 6,05,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार, परिवादी परमजीत सिंह, निवासी ग्राम मलसी, दरउ, रुद्रपुर ने आरोप लगाया था कि अभियुक्त और उसके पुत्र ने उसे तथा उसकी बहन को विदेश भेजने के नाम पर 31,34,000 रुपये लिए थे। हालांकि, विदेश न भेज पाने के कारण दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। इसके बाद 27 मई 2023 को एक लिखित समझौता हुआ, जिसमें धन वापसी के लिए अभियुक्त द्वारा तीन चेक जारी किए गए।
इसी क्रम में 6 लाख रुपये का एक चेक जब बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो वह ‘Payment stopped by drawer’ टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय की शरण ली।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह परिवादी को नहीं जानता और उसने पंचायत के दौरान अपने पुत्र के कहने पर खाली चेक दिया था। साथ ही, उसने वीजा संबंधी किसी भी कार्य में संलिप्तता से इनकार किया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों और साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए पाया कि समझौता पत्र और प्रस्तुत दस्तावेज अभियुक्त की विधिक देनदारी को स्पष्ट करते हैं। साथ ही, अभियुक्त धारा 139 एन.आई. एक्ट के तहत अपनी बेगुनाही साबित करने में असफल रहा।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जुर्माने की राशि में से 6 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। न्यायालय ने इसे न्यायोचित सजा बताया।




