जिले के ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जगतपुरा वार्ड नंबर-5 निवासी उमा मंडल ने अपने पति, सास और ससुर के खिलाफ न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।
प्रार्थिनी के अनुसार, उसका विवाह 26 जनवरी 2023 को बादल मंडल के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह में उसके माता-पिता ने कर्ज लेकर अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया, लेकिन कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि पति बादल मंडल, सास शीला मंडल और ससुर विभूति मंडल उसे मोटरसाइकिल और सोने-चांदी के आभूषण न लाने के लिए लगातार ताना देते और प्रताड़ित करते थे।
उमा मंडल ने अपने प्रार्थना पत्र में बेहद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि विरोध करने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी। यहां तक कि रात के समय उसे निर्वस्त्र कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उसने आरोप लगाया कि उसके पति ने कई बार जान से मारने की नीयत से उसके साथ क्रूर व्यवहार किया और धमकी दी कि उसे मारकर ठिकाने लगा दिया जाएगा।
घटना ने 24 जनवरी 2026 को भयावह मोड़ ले लिया, जब प्रार्थिनी के अनुसार उसके पति, सास और ससुर ने मिलकर उसे मारने की कोशिश की। उसका मुंह बांधकर घर की पहली मंजिल पर ले जाया गया, लेकिन किसी तरह वह जान बचाकर वहां से भाग निकली और अपनी मौसी के घर शरण ली।
पीड़िता ने बताया कि उसने अपनी चोटों का इलाज जिला अस्पताल में कराया और संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। इसके बावजूद जब उसने 26 जनवरी को ट्रांजिट कैंप थाना और बाद में 30 जनवरी को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, तब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस की निष्क्रियता से आहत होकर उमा मंडल ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उसने अदालत से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए जाएं। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।




