रजिस्ट्री हुई, पैसे गायब! उधम सिंह नगर में 4 करोड़ से ज्यादा की जमीन ठगी का मामला

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रुद्रपुर (उधम सिंह नगर):

जनपद में जमीन खरीद–फरोख्त के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अलग–अलग गांवों के दो पीड़ित परिवारों ने एक ही व्यक्ति पर जमीन खरीदने के बाद भुगतान न करने, चेक बाउंस कराने, धमकी देने और खुद को प्रभावशाली बताकर भय पैदा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों पीड़ितों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को अलग–अलग प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

पहला मामला ग्राम रायपुर, उधम सिंह नगर का है। यहां के निवासी गुरमीत सिंह और खेम सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी लगभग 2.5 एकड़ कृषि भूमि दीपक कुमार चराया को 2 करोड़ 7 लाख 80 हजार रुपये में बेची। आरोप है कि रजिस्ट्री से पहले बैंक ऑफ बड़ौदा और एचडीएफसी बैंक के चेक दिए गए, लेकिन 15 मार्च और 18 अप्रैल 2025 को रजिस्ट्री हो जाने के बावजूद एक भी चेक का भुगतान नहीं हुआ। पीड़ितों का कहना है कि जमीन बच्चों की शिक्षा और परिवार के भरण–पोषण के लिए बेची गई थी, लेकिन भुगतान न मिलने से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में है। आरोप है कि 35 लाख रुपये का एक चेक बाद में वापस लेकर ऑनलाइन ट्रांसफर का झांसा दिया गया, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।

दूसरा मामला ग्राम बिंदुखेड़ा, पोस्ट दानपुर से सामने आया है। यहां की निवासी विधवा महिला सुरेन्द्र कौर ने उसी व्यक्ति दीपक कुमार चराया पर 1 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री कराने के बाद करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। सुरेन्द्र कौर के अनुसार, उन्होंने 7 मई 2025 को जमीन की रजिस्ट्री कराई, लेकिन क्रेता द्वारा दिए गए सभी चेक बाउंस हो गए। आरोप है कि सौदे के एवज में 600 वर्गगज के तीन प्लॉट देने का अनुबंध भी किया गया था, जिसे आज तक पूरा नहीं किया गया। भुगतान न मिलने से वह और उनके बच्चे आर्थिक व मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

दोनों मामलों में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोप एक ही व्यक्ति पर हैं, जबकि पीड़ित अलग–अलग गांवों के निवासी हैं। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए प्रशासन और नेताओं के संरक्षण का दावा करता है तथा शिकायत करने पर जान से मारने और अपहरण की धमकियां दी जाती हैं।

अब सवाल यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या पीड़ितों को उनका भुगतान या उनकी जमीन वापस मिल पाती है।

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