रुद्रपुर।
अंतरराज्यीय खैर तस्करी गिरोह के खिलाफ वन विभाग और तराई केंद्रीय वन प्रभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना राजेन्द्र सिंह उर्फ राजू और उसके साथी गुरुदास सिंह उर्फ टीटू को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 8 जनवरी 2026 को की गई, जिससे खैर तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग, रुद्रपुर के वन अधिकारियों द्वारा वन अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि खैर तस्करी गिरोह का मुख्य सरगना अपने साथियों के साथ क्षेत्र में सक्रिय है। सूचना पर प्रभागीय वनाधिकारी उपेश चन्द्र तिवारी के निर्देशन में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें तराई केंद्रीय वन प्रभाग, तराई पश्चिमी वन प्रभाग और पीलीभीत वन क्षेत्र के अधिकारी शामिल थे।
संयुक्त टीम ने केलाखेड़ा क्षेत्र में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि राजेन्द्र सिंह उर्फ राजू लंबे समय से खैर वृक्षों के अवैध कटान और तस्करी में लिप्त था तथा विभिन्न राज्यों में खैर लकड़ी की आपूर्ति करता था। उसका साथी गुरुदास सिंह उर्फ टीटू भी इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। गिरोह द्वारा उत्तराखंड के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में खैर तस्करी की जाती थी।
वन विभाग के अनुसार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। गुरुदास सिंह उर्फ टीटू के विरुद्ध वर्ष 2010-11 से खैर तस्करी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं, जबकि राजेन्द्र सिंह उर्फ राजू को गिरोह का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चन्द्र तिवारी ने बताया कि खैर तस्करी जैसे संगठित वन अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अन्य तस्करों में भी हड़कंप मचा हुआ है।




