रूद्रपुर। सहकारी समितियों के कर्मचारियों में उस समय भारी रोष फैल गया, जब मुख्य विकास अधिकारी पर सहकारी समिति के प्रभारी सचिवों के साथ सार्वजनिक रूप से अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा। इस मामले को लेकर सहकारी समिति कर्मचारी यूनियन नैनीताल/उधम सिंह नगर ने आपातकालीन बैठक कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
यूनियन के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 को विकास भवन रूद्रपुर के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कंप्यूटरीकरण से संबंधित बैठक बुलाई गई थी। बैठक में विभिन्न सहकारी समितियों के प्रभारी सचिव, सहायक विकास अधिकारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी, डीडीएम नाबार्ड, जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां एवं जिला सहकारी बैंक के अधिकारी मौजूद थे।
आरोप है कि बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने छतरपुर सहकारी समिति के प्रभारी सचिव पंकज अरोड़ा और नंदपुर खेमपुर के प्रभारी सचिव बुधदेव के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
इस घटना से आहत कर्मचारियों ने 13 दिसंबर 2025 को बगवाड़ा समिति रूद्रपुर में आपात बैठक आयोजित की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही निर्णय लिया गया कि सभी प्रभारी सचिव सामूहिक रूप से अपने अतिरिक्त प्रभार से त्यागपत्र देंगे और भविष्य में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बुलाई जाने वाली बैठकों का बहिष्कार किया जाएगा।
कर्मचारी यूनियन ने जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां उधम सिंह नगर को इस पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है। मामले की प्रतिलिपि संबंधित अध्यक्ष, सहायक विकास अधिकारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी एवं सहकारी समितियां उत्तराखंड देहरादून को भी भेजी गई है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या रुख अपनाता है और सहकारी समितियों के कर्मचारियों की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है।




