रामनगर में अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान बवाल: वन टीम से मारपीट, असलहा छीनकर आरोपी फरार
रामनगर (नैनीताल)। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन कर्मियों के साथ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और असलहा छीनने के आरोप में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना 6 अप्रैल की सुबह की बताई जा रही है। उत्तरी लोअर कोसी रेंज के वन बीट अधिकारी विमल चौधरी ने कोतवाली रामनगर में दी तहरीर में बताया कि वह अपने अधीनस्थ कर्मचारी रिंकू के साथ कोसी नदी क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे। इस दौरान सुबह करीब 7:20 बजे आरक्षित वन क्षेत्र के खनन निकासी गेट के पास कुछ वाहन अवैध खनन करते हुए दिखाई दिए।
वन विभाग तराई पश्चिमी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर-केकड़ा वाहन को पकड़ लिया और उसे कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की। तभी वाहन स्वामी अरुणपाल पुत्र मान सिंह पाल, निवासी ग्राम जस्सा गाजा और उसके साथ मौजूद 3 से 5 अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।
तहरीर के अनुसार आरोपितों ने वन कर्मियों के साथ गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की की और सरकारी कार्य में बाधा डाली। इस दौरान मुख्य आरोपी अरुणपाल पर वनकर्मी का .315 बोर का असलहा और मैगजीन में रखे चार कारतूस छीनने का भी आरोप है।
घटना के बाद आरोपी ट्रैक्टर-केकड़ा वाहन को जबरन छुड़ाकर मौके से फरार हो गए। वन टीम ने उनका पीछा किया, लेकिन आरोपितों ने जान से मारने की धमकी दी। बाद में जंगल की झाड़ियों में असलहा और कारतूस बरामद कर लिए गए, जिनके साक्ष्य वन विभाग के पास सुरक्षित हैं।
वन बीट अधिकारी की तहरीर के आधार पर 7 अप्रैल को कोतवाली रामनगर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कोतवाली प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद वन विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।




