किच्छा में वर्ष 2018 के बहुचर्चित प्रॉपर्टी डीलर समीर अहमद हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार आर्य की अदालत ने मामले के तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर दस–दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को यह भी निर्देश दिए हैं कि हत्याकांड में शामिल फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि उनके विरुद्ध भी सजा तय की जा सके।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने जानकारी दी कि तीन मई 2018 को किच्छा कोतवाली क्षेत्र के वार्ड संख्या 6/11 निवासी प्रॉपर्टी डीलर समीर अहमद की आदित्य चौक पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड में अंग्रेज सिंह उर्फ रिंकू, प्रसन्नजीत सिंह उर्फ सन्नी और गुरचरण सिंह उर्फ बंटी की सक्रिय भूमिका रही। वहीं जसविंदर सिंह, सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा और रंदीप सिंह उर्फ राजा को भी मामले में नामजद किया गया, जिसमें रंदीप सिंह को हत्या का मास्टरमाइंड बताया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान 18 दिसंबर को अदालत में पेश तीनों दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर हल्द्वानी जेल भेजा गया था, जबकि 22 दिसंबर को सजा की तारीख निर्धारित की गई थी। सोमवार को अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने तीनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं पुलिस के लिए फरार आरोपियों की गिरफ्तारी अब बड़ी चुनौती बन गई है।




