धामी कैबिनेट की पहली बैठक में 16 बड़े फैसलों पर मुहर, ई-व्हीकल लोन में छूट, मुफ्त बिजली सब्सिडी बहाल, गेहूं खरीद, सेतु आयोग गठन समेत कई अहम निर्णय मंजूर

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मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज पहली बार धामी कैबिनेट की पहली फुल बैठक हुई. इस बैठक में धामी कैबिनेट ने 16 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है. इन फैसलों में न्यायिक अधिकारियों को ई-व्हीकल पर ब्याज छूट देने का निर्णय लिया गया है. साथ ही फ्री बिजली योजना में सब्सिडी-वसूली एक्ट को भी मंजूरी दे गई है.

इन 16 प्रस्तावों पर लगी मुहर

लोक निर्माण विभाग के एडीबी (एशियाई विकास बैंक) समर्थित पुल सुधार परियोजना उत्तराखण्ड के तहत ली गई कंसलटेंसी के 1 करोड़ से ऊपर की धनराशि के टेण्डर को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है.

न्याय विभाग के अन्तर्गत उत्तराखंड राज्य में सेवारत न्याययिक अधिकारियों को वाहन क्रय करने के लिए नाॅमिनल इंटरेस्ट रेट पर 10 लाख रूपये तक साॅफ्ट लोन की सुविधा अनुमान्य किये जाने का कैबिनेट ने अनुमोदन किया है. इसके तहत इंटरेस्ट रेट इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 4 प्रतिशत तथा अन्य वाहनों के लिए 5 प्रतिशत है.

वन विभाग के अन्तर्गत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद के लिए न्यूनतम सेवा 25 वर्ष का प्रावधान था, जिसे कार्मिक विभाग की व्यवस्था के अनुरूप 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष वर्ष किये जाने की स्वीकृति मिली है.

ऊर्जा विभाग की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अन्तर्गत भारत सरकार के साथ ही राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही थी, जिसे बाद में समाप्त कर दिया गया था. इसके तहत 31 मार्च, 2025 तक जिन लोगों के संयत्र लग चुके थे, उनको इस सब्सिडी का लाभ दिये जाने का कैबिनेट प्रदान की अनुमति.

उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2023 की धारा 36 के प्रावधानानुसार स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्याालय जनपद देहरादून से संबंधित या उससे अनुषांगित विषयों का उपबन्ध एवं नियमन करने के लिए परिनियम के प्रख्यापन की कैबिनेट ने मंजूरी दी है.

गृह विभाग के अन्तर्गत वर्ष 2025 में उत्तराखण्ड लोक और निजी सम्पत्ति वसूली अधिनियम बनाया गया था, जिसमें नियमावली बनाने हेतु परामर्शी विभागों (वित्त, न्याय और विधायिकी) से परामर्श लेकर नियमावली लागू करने की मंत्रिमण्डल ने अनुमति दे दी है.

गृह विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड होमगार्ड्स समूह ‘क‘ एवं ‘ख‘ सेवा संशोधन नियमावली के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल ने अनुमति दी है. इसके तहत वर्ष 2024 में होम गार्ड्स विभाग के अन्तर्गत केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान के लिए कमाडेंट का पद सृजित किया गया था, जिसकी नियमावली न बनने के कारण प्रमोशन बाधित हो रहे थे.

गृह विभाग के अन्तर्गत भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद डिजिटाइजेशन की व्यवस्था और कम्प्यूटर आधारित अंवेषण की व्यवस्था की गई थी, इसके तहत पुलिस कार्मिकों को कई तरह की ट्रेनिंग दिये जाने के लिए भारत सरकार की सेवा प्रदाता संस्था ‘नेशनल इंस्ट्यूट फाॅर इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड इन्फाॅरमेशन टैक्नोलाॅजी‘ (आईटी विभाग के अन्र्तगत) विशेषज्ञों की नियुक्ति का मंत्रीमण्डल ने अनुमोदन किया.

कार्मिक विभाग के अन्तर्गत वर्दीधारी सिपाही पदों और वर्दीधारी उप निरीक्षक पदों (पुलिस, पीएससी, आईआईआरबी, प्लाटून कमान्डर, अग्निशमन अधिकारी, वन दरोगा) की सीधी भर्ती के लिए वर्ष 2023 में एकीकृत नियमावली बनाई गई थी, जिसके तहत कुछ पदों के लिए आयु सीमा और हाइट बढ़ी-घटी थी. इस संबंध में आगामी तीन वर्ष तक पूर्व की नियमावली की व्यवस्था बनाये रखने का कैबिनेट ने अनुमोदन दे दिया है.

माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत मा. न्यायालय द्वारा लिये गये निर्णयानुसार एडेड स्कूल बनने से पूर्व शिक्षकों की सेवा को प्रोन्नति के लिए मान्य करने को लेकर मंत्रीमण्डल में विचारार्थ प्रस्ताव में मंत्रीमण्डल द्वारा उप समिति बनने का अनुमोदन दिया गया है. इसके अलावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अन्तर्गत रवि विपणन सत्र 2026-27 में विकेन्द्रीयकरण के अन्तर्गत मूल्य समर्थन के लिए गेहं खरीद के प्रस्ताव को भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रूपये प्रति कुन्तल का लाभ दिये जाने के लिए मंत्रिमण्डल ने अनुमोदन दिया है. इसके तहत राजकीय कृषकों से 2.2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य भी रखा गया है. खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अन्तर्गत भारत सरकार से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रबी और खरीब सत्रों में की जाने वाली गेहूं और धान खरीद पर भारत सरकार द्वारा अनुमन्य मण्डी शुल्क 2 प्रतिशत ही लिये जाने का कैबिनेट ने निर्णय लिया है. उद्योग विभाग द्वारा प्रस्तावित नई योजना ‘उत्तराखण्ड वीर उद्यमी योजना 2026‘ को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को सप्लीमेंटरी योजना के तहत प्रस्तावित किया गया है. इसके तहत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लक्ष्य के सापेक्ष 10 प्रतिशत लक्ष्य पूर्व सैनिक एवं पूर्व अग्निवीरों के लिए रिर्जव रखा जायेगा. यदि परिवार में पति-पत्नी दोनों ही पूर्व सैनिक या पूर्व अग्निवीर हैं, तो दोनों को लाभ देने तथा 5 प्रतिशत सब्सिडी भी दिये जाने की कैबिनेट ने मंजूरी दी है. इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 2 लाख रूपये तक में 30 प्रतिशत, 02 से 10 लाख तक में 25 प्रतिशत तथा 10 से 25 लाख रूपये में 30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जायेगी. मैदानी क्षेत्रों में 02 लाख रूपये तक में 25 प्रतिशत, 02 से 10 लाख तक में 20 प्रतिशत तथा 10 से 25 लाख रूपये में 15 प्रतिशत की सब्सिडी दी जायेगी.

 

साथ ही नियोजन विभाग के अन्तर्गत राज्य योजना आयोग के स्थान पर सेतु आयोग के गठन, उसके कार्यक्षेत्र एवं संगठनात्मक ढांचा निर्माण को भी धामी कैबिनेट ने मंजूरी दी है. विधायी और संसदीय विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड की पंचम विधान सभा सत्र 2026 का सत्रावसान को भी धामी कैबिनेट ने मंजूरी दी है.

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