मेरठ। देशभर में चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में बुधवार को मेरठ की जिला अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई। दोनों को मुस्कान के पति और पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराया गया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी करार दिया था। बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद मृत्युदंड का फैसला सुनाया गया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह पेश किए गए और करीब 126 सुनवाइयां हुईं।
लंदन से लौटे सौरभ की हत्या का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मेरठ के इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत पूर्व में लंदन में नौकरी करते थे। वह 24 फरवरी 2025 को मेरठ स्थित अपने घर लौटे थे। तीन मार्च 2025 को उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। आरोप था कि पहले सौरभ को नशीला पदार्थ दिया गया और इसके बाद चाकू से वार कर उनकी हत्या कर दी गई।
शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया
हत्या के बाद आरोपियों ने सौरभ के शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में रख दिया। शव को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट और रेत का मिश्रण भरकर उसे सील कर दिया गया था। इस तरीके से हत्या के साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई। ड्रम में शव मिलने की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मुस्कान व साहिल को गिरफ्तार किया। मामला सामने आने के बाद पूरे देश में इसकी चर्चा हुई थी।
परिजनों को भेजे जाते रहे संदेश
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश चले गए थे। आरोप है कि सौरभ के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर उनके परिजनों को संदेश भेजे गए, ताकि उन्हें सौरभ के जीवित होने का भ्रम बना रहे। बाद में परिजनों को संदेह हुआ और पुलिस की मदद से मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने जांच के दौरान परिस्थितिजन्य, चिकित्सकीय और फॉरेंसिक साक्ष्यों को जुटाया। अभियोजन पक्ष ने इन्हीं साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष रखा।
126 सुनवाइयों के बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी करार दिया था। सजा सुनाने के लिए 14 अक्तूबर की तारीख तय की गई थी। बुधवार को अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया। अदालत की कार्यवाही के दौरान दोनों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था।
सजा के साथ जुर्माना भी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने हत्या से संबंधित धारा 302 के तहत 50 हजार रुपये और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धारा 238ए के तहत 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में बचाव पक्ष की ओर से प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने और दोषियों के बच्चों का हवाला देते हुए दलीलें दी गईं, जबकि अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा की मांग की थी।
