रुद्रपुर। उधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र की एक दलित महिला ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। प्रार्थना पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि उसका विवाह गदरपुर क्षेत्र के ही एक युवक से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार एक वैवाहिक समारोह में संपन्न हुआ था। विवाह के एक माह बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके अनुसूचित जाति से होने और दहेज कम लाने के कारण लगातार उत्पीड़न शुरू कर दिया।
महिला ने बताया कि उसके पति, सास, देवर, ननद और अन्य परिजनों द्वारा उसके साथ शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना की गई। आरोप है कि उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया और कई बार घर से निकालने की धमकी भी दी गई। प्रार्थना पत्र के अनुसार, एक स्थानीय प्रतिष्ठान से जुड़े व्यक्ति ने भी ससुराल पक्ष के साथ मिलकर उसे अपने घर-परिवार से अलग करने और मामले को दो से ढाई लाख रुपये लेकर निपटाने का दबाव बनाया।
पीड़िता का कहना है कि उसने इस संबंध में थाना गदरपुर में दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी छाया प्रति उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी उपलब्ध कराई है। साथ ही उसने अपने अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र की प्रति भी संलग्न की है।
महिला ने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद थाना गदरपुर पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। उसने बताया कि वह अपनी नवजात बच्ची के साथ मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए जीवन बिता रही है। प्रार्थिनी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ससुराल पक्ष के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई कर उसे न्याय दिलाया जाए।


