देहरादून के जौलीग्रांट में इस समय भारतीय जनता पार्टी की उत्तराखंड कोर ग्रुप की अहम बैठक जारी है। बैठक की अगुवाई पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा कर रहे हैं, जबकि अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के हाथों में है। लंबे समय बाद हो रही इस बैठक को संगठन और सरकार दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में कुल 14 वरिष्ठ नेता शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष के अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, संगठन महामंत्री अजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और रमेश पोखरियाल निशंक मौजूद हैं। इसके साथ ही छह लोकसभा और राज्यसभा सांसदों ने भी बैठक में शिरकत की है। कैबिनेट से सतपाल महाराज और धन सिंह रावत को भी शामिल किया गया है।
हालांकि इस बैठक की सबसे बड़ी चर्चा यह है कि तीनों प्रदेश महामंत्रियों को इस बार कोर ग्रुप से बाहर रखा गया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत भी बैठक में मौजूद नहीं हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार बैठक का मुख्य एजेंडा हाल ही में कराए गए इंटरनल सर्वे की रिपोर्ट है, जिसमें कई विधायकों की प्रदर्शन रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई। ऐसे में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति, संगठनात्मक बदलाव और संभावित जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण पर गंभीर मंथन हो सकता है। इसके अलावा प्रदेश में चल रहे महत्वपूर्ण मुद्दों और लंबे समय से लंबित दायित्वों की मांग पर भी चर्चा की संभावना है।
कुल मिलाकर, जौलीग्रांट में हो रही यह कोर ग्रुप बैठक उत्तराखंड भाजपा की भावी राजनीतिक दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।



