रुद्रपुर/किच्छा।
किच्छा क्षेत्र में वर्ष 2017 में भूसा डालने के मामूली विवाद से शुरू हुए झगड़े में जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देऊपा की अदालत ने मुख्य अभियुक्त नजाकत अली उर्फ जग्गा को सात साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले की जानकारी देते हुए ए.डी.जी.सी दांडिक अनिल सिंह ने बताया कि 25 अप्रैल 2017 को किच्छा निवासी जाकिर अली ने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया था कि उसके बड़े भाई जुम्मा का पड़ोसी अहमद शाह से भूसा डालने को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि अहमद शाह ने अपने पिता नजाकत अली उर्फ जग्गा और भाई दिलशाद अली के साथ मिलकर जुम्मा पर जानलेवा हमला कर दिया।
हमले के दौरान जब जुम्मा की पत्नी और बहन बीच-बचाव के लिए आईं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल जुम्मा का कई दिनों तक उपचार चला, जिसके बाद उसकी जान बच सकी।
घटना के बाद गांव के प्रधान के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश हुई थी। आरोपियों ने घायलों के इलाज का खर्च उठाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन 13 जुलाई 2017 को उन्होंने समझौता तोड़ दिया। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से ए.डी.जी.सी अनिल सिंह ने नौ गवाहों को अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद अदालत ने नजाकत अली उर्फ जग्गा को धारा 307 के तहत दोषी ठहराते हुए सात साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वहीं, मारपीट के आरोप में धारा 323 के तहत अहमद शाह और दिलशाद अली को छह माह के कारावास तथा दो-दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।



