रूद्रपुर। महापौर, पार्षद और बैंक प्रबंधन के संयुक्त प्रयास से एक जरूरतमंद विधवा महिला को लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संकट से बड़ी राहत मिली है। जरूरी दस्तावेजों के अभाव में बैंक में अटका करीब दस लाख रुपये का भुगतान अब महिला को प्राप्त हो गया है।
परिवहन निगम में कार्यरत इंदिरा कॉलोनी निवासी रणवीर सिंह का लगभग एक वर्ष पूर्व आकस्मिक निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी निर्मला सिंह एकमात्र वारिस रहीं। पति की मृत्यु के बाद नौकरी से जुड़े देयकों का भुगतान होना था, लेकिन बैंक खाता न होने और आधार, पैन समेत केवाईसी दस्तावेजों की कमी के कारण भुगतान अटक गया था। आवश्यक दस्तावेज न होने से नया बैंक खाता भी नहीं खुल पा रहा था।
निर्मला सिंह ने कई बैंकों के चक्कर लगाए, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। आर्थिक तंगी के चलते उनके सामने जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। मामला जब वार्ड 12 की पार्षद महेंद्री शर्मा के संज्ञान में आया तो उन्होंने महापौर विकास शर्मा को अवगत कराया। इसके बाद महापौर ने बैंक ऑफ बड़ौदा, सिडकुल पंतनगर शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक प्रवीण कुमार झरवाल से संपर्क कर मदद का आग्रह किया।
महापौर और पार्षद द्वारा आवश्यक प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिसके आधार पर बैंक ने केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर खाता खोला। खाता खुलते ही करीब दस लाख रुपये की राशि महिला के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। सोमवार को निर्मला सिंह ने नगर निगम पहुंचकर महापौर, पार्षद और बैंक प्रबंधन का आभार जताया।




